धार्मिक स्वतंत्रता पर यूएस कमिशन की रिपोर्ट को सरकार ने नकारा
(India)
भारत सरकार ने अमेरिका की उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर उसकी आलोचना की गई है । अमेरिकी सरकार की एक रिपोर्ट में घर वापसी अभियान के लिए मोदी सरकार की जमकर आलोचना की गई है। यह रिपोर्ट यूएस कमिशन ऑन इंटरनैशनल रिलिजस फ्रीडम द्वारा जारी की गई है। रिपोर्ट के चर्चा में आने के बाद सरकार ने इसे लेकर कड़ा रवैया अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि इस रिपोर्ट से ऐसा लगता है कि यह भारत, भारतीय संविधान और समाज के बारे में सतही जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। हम इस रिपोर्ट को सिरे से नकारते हैं।रिपोर्ट में धर्मांतरण और मोदी सरकार के नेताओं द्वारा अल्पसंख्यंकों के बारे में अपमानजक टिप्पणी किए जाने की कड़ी आलोचना की गई है। रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि भारत सरकार को ऐसे ऑफिशल्स और धार्मिक नेताओं को सार्वजनिक तौर पर फटकार लगानी चाहिए। रिपोर्ट में लिखा है, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में सबसे ज्यादा धार्मिक हमले होने की आशंका है। गैरसरकारी संस्थाओं और अल्पसंख्यक नेताओं ने 2014 के आम चुनाव में धार्मिक विभाजन के आधार पर हुए प्रचार को इसकी वजह बताया है।श्न्ैब्प्त्थ् खुद को एक स्वतंत्र और द्विदलीय यूएस फेडरल गवर्नमेंट कमिशन बताती है। इसके मुताबिक यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर पूरी दनिया में धार्मिक स्वतंत्रता और इसके उल्लंघन पर निगरानी रखती है। यूएस कमिशन ऑन इंटरनैशनल रिलिजस फ्रीडम अपनी रिपोर्ट्स के आधार पर अमेरिकी के प्रेजिडेंट और अमेरिकी प्रेजिडेंट को सलाह-मशविरा भी देती है।
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