पाकिस्तान से मुम्बई में साल 1993 के श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों के आरोपी दाऊद इब्राहिम को भारत को सौंपने की मांग कर रही सरकार ने मंगलवार को अपने पूर्व के रुख से उलट संसद में अजीबोगरीब जवाब में कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि वह अपराध सरगना कहां है. लेकिन अपने इस जवाब से असहज स्थिति में घिरने पर सरकार अब आज अपने इस उत्तर के बारे में सदन में स्पष्टीकरण दे सकती है.लोकसभा में नित्यानंद राय के प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री हरीभाई परथीभाई चैधरी ने कहा, अभी तक उसका दाऊद पता नहीं लग सका है. एक बार दाऊद इब्राहिम का पता लगने के बाद उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.’ राय ने सरकार से पूछा था कि देश में विभिनन आतंकी मामलों में वांछित दाऊद इब्राहिम और अन्य आतंकियों के प्रत्यर्पण की स्थिति क्या है.’’ गृह राज्य मंत्री ने कहा कि दाऊद इब्राहिम साल 1993 के मुम्बई श्रृंखलाबद्ध विस्फोट मामले में अभियुक्त है और उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी उसके विरुद्ध विशेष नोटिस जारी किया है. ‘‘ अभी तक उसका पता नहीं लग सका है. ’’ मीडिया में इस विषय पर सरकार के जवाब से जुडी खबर आने के बाद असहज स्थिति का सामना कर रही सरकार आज लोकसभा में इस बारे में स्पष्टीकरण देने की तैयारी में है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि चैधरी ने इस बारे में गृह सचिव एल सी गोयल से चर्चा की है. अधिकारियों ने इसके लिए नौकरशाही स्तर पर गलती होने की बात कही है और उनका दावा है कि गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय से विचार विमर्श करके जवाब तैयार किया है. दिलचस्प बात यह है कि सरकार काफी समय से यह कहती रही है कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में वहां के सुरक्षा तंत्र के संरक्षण में रहता है. भारत ने दाऊद के बारे में पाकिस्तान को कई डोजियर दिए हैं जिसमें देश में वांछित इस भगोडे के पाकिस्तान स्थित उसके ठिकाने की जानकारी भी दी गई है.
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