विपक्ष ने लोकसभा सत्र की अवधि तीन दिन के लिए बढ़ाने के फैसले को लेकर शुक्रवार को सरकार को आड़े हाथ लिया और उसके इस कदम को ‘तानाशाहीपूर्ण’ करार दिया। कई सदस्यों ने सदन को जानकारी होने से पूर्व मीडिया के जरिए इसकी सूचना मिलने पर कड़ी आपत्ति जताई। सरकार ने विपक्ष की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि पहले भी इस प्रकार की परंपरा रही है लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि कल राज्यसभा की बैठक देर रात तक चलने तथा संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू समेत कई मंत्रियों के उच्च सदन में व्यस्त रहने के चलते कुछ दलों के नेताओं को सूचित नहीं किया जा सका।
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