पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में गुरुवार को हत्या के 6 दोषियों को फांसी दे दी गई। जिन 6 अपराधियों को फांसी दी गई है उनमें जमान उर्फ जमानी भी शामिल है जिसने 22 साल पहले एक चुनाव रैली में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम हैदर वायने की गोली मारकर हत्या की थी। वायने पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता थे और 1990 में पंजाब के मुख्यमंत्री बने थे। इससे पहले मंगलवार को हत्या के 8 दोषियों को भी पंजाब में फांसी दी गई थी। इसी साल 10 मार्च को फांसी देने पर लगी रोक को हटाने के बाद से पाकिस्तान में अब तक 250 अपराधियों को फांसी पर लटकाया जा चुका है। फांसी की सजा देने के समर्थकों का कहना है कि आतंकवाद से निपटने के लिए ये जरूरी है। लेकिन, इसके आलोचकों का कहना है कि कानून व्यवस्था में कई खामियां हैं। आरोपियों को अपना मुकदमा ठीक से लड़ने का मौका तक नहीं मिलता। पाकिस्तान ने फांसी की सजा पर लगी रोक को 16 दिसंबर 2014 को आतंकवादियों द्वारा पेशावर के एक स्कूल में 150 लोगों की हत्या के बाद हटा लिया था। इस हमले में अधिकांश स्कूली बच्चों की मौत हुई थी। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट वाच ने पाकिस्तान से फिर से मौत की सजा पर रोक लगाने का आग्रह किया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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