राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अनेकता में एकता और बहु-संस्कृतिवाद के भारतीय सांस्कृति के मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में इस समय असहिष्णुता का माहौल है और इससे निपटने के लिए विविधता के बीच एकता स्थापित करने वाली भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। भारतीय उपमहाद्वीप के विशेषज्ञों के अपने तरह के पहले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुखर्जी ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय जैसे घृणा के माहौल से जूझ रही है, ऐसा पहले कभी नहीं रहा।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।