राज्यसभा में संविधान पर चर्चा को लेकर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि संविधान एक ऐसी शक्ति है, जो हमें आपसी झगड़ों से बाहर निकालती है। इस देश की राजनीति तू तू-मैं मैं से नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि देश तब चलेगा जब समता भी हो और ममता भी हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें लोगों को एकजुट रखने और एकता और सद्भाव बनाए रखने के कारण खोजने होंगे। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान केवल कानूनों के बारे में नहीं है बल्कि यह एक सामाजिक दस्तावेज है और हम अपने संविधान के इन पहलुओं की सराहना करते हैं।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।