गुजरात निकाय चुनावों में भाजपा ने छह नगर निगमों पर जीत हासिल करते हुए शहरों में अपना जलवा कायम रखा। लेकिन ग्रामीण और अर्द्धशहरी इलाकों में कांग्रेस ने सत्तारूढ़ पार्टी को तगड़ा झटका देते हुए परचम लहराया। निकाय चुनावों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद राज्य की मुख्यमंत्री बनीं आनंदीबेन पटेल के लिए पहली बड़ी अग्निपरीक्षा माना जा रहा था। पाटीदार आंदोलन को लेकर भी उनके नेतृत्व की कड़ा इम्तहान था। लेकिन शहरों में तो आनंदीबेन भाजपा की साख बचाने में कामयाब रहीं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में उन्हें शिकस्त मिली। भाजपा ने वडोदरा, सूरत, राजकोट, भावनगर, जामनगर और अहमदाबाद नगरनिगम पर कब्जा बरकरार रखा है। राजकोट छोड़ बाकी सीटों में भाजपा को एकतरफा जीत मिली। राजकोट में भाजपा को 38 और कांग्रेस को 34 सीटें मिलीं। 56 नगरपालिकाओं में भी 49 पर भाजपा ने विजय पताका फहराई। छह नगर निगमों के लिए मतदान 22 नवंबर को हुआ था, वहीं 31 जिला पंचायतों, 230 तालुका पंचायतों और 56 नगर पालिकाओं के लिए मतदान 29 नवंबर को हुआ था।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।