आतंकवाद का कोई मजहब और आस्था नहीं होने की बात करते हुए भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने आज कहा कि यह एक वैश्विक परिघटना है जिसे अधपकी रणनीतियों से परास्त नहीं किया जा सकता और देशों को इससे लड़ने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक पूर्वाग्रहों को छोड़ना चाहिए। पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमले की पहली बरसी के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उनके देश के दर्द को अवश्य समझना चाहिए क्योंकि जब बंद आंखों से पाकिस्तान का चित्रण किया जाता है तो यह उसे चोट पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश ने उतने हिंसक उग्रवाद का सामना नहीं किया है, जितना पाकिस्तान ने। तहरीक-ए-तालिबान से संबद्ध सात बंदूकधारियों ने पिछले साल पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला किया था, जिसमें कम से कम 148 लोग मारे गए थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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