26ः11 मामले में सरकारी गवाह बनाए जाने के बाद लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी-अमेरिकी सदस्य डेविड हेडली की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुंबई की एक अदालत में मंगलवार को दूसरे दिन भी गवाही शुरू हो गई। कोर्ट में दिए बयान में डेविड हेडली ने लश्कर ए तैयबा के आकाओं हाफिज सईद और जकीउर रहमान लखवी को सुझाव दिया था कि वे लश्कर को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने और इसे प्रतिबंधित करने के अमेरिकी सरकार के निर्णय को चुनौती दें। हेडली ने कहा कि लश्कर ने उसे भारत में सैन्य खुफिया जानकारी एकत्र करने और जासूसी के लिए किसी भारतीय सैन्यकर्मी को भर्ती करने के लिए भी कहा था। उसने ने अदालत को बताया कि उसकी पत्नी फैजा ने जनवरी 2008 में इस्लाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास में शिकायत की थी कि वह (हेडली) आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त है। हेडली ने खुलासा किया है कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन और हरकत-उल-मुजाहिद्दीन पाक के कब्जे वाले कश्मीर में सक्रिय यूनाइटेड जिहाद काउंसिल के सहयोगी हैं। उसने बताया कि लश्कर के सदस्यों ने मुंबई के ताज होटल में आयोजित होने वाली भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों की सम्मेलन पर हमला करने की योजना बनाई थी। कोर्ट में उसकी गवाही चल रही है। सोमवार को हुई गवाही में उसने बताया था कि वह 2008 में मुंबई में किए गए हमलों से पहले सात बार भारत आया था और लश्कर में उसका मुख्य संपर्क साजिद मीर के साथ था। मीर भी इस मामले में एक आरोपी है। हेडली पहली बार अदालत के समक्ष पेश हुआ है। वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए यह पेशी सुबह सात बजे से शुरू हुई थी।
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