बैंक अधिकारी अमृता ने कहा, ‘गुरुजी ने स्नेह के नाते मुझे बुलाया था। मैं जब नमस्कार करने उनके पास गयी तो मैंने उनके हाथ में चेन देखी जो उन्होंने मुझे दी। यह कोई जादू नहीं था क्योंकि जब मैं उनके पास गयी थी तो चेन पहले से ही उनके हाथ में थी। मैं तर्कवादी हूं और इस तरह की चीजों में विश्वास नहीं करती।’
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।