सियाचिन में हुए हिमस्खलन में भारी बर्फ के नीचे छह दिनों तक दबे रहने के बाद चमत्कारिक रूप से जीवित निकले लांस नायक हनुमनथप्पा को देखने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल गए और कहा कि वह अभूतपूर्व सैनिक हैं जिनके अदम्य साहस और धैर्य को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। हनुमनथप्पा को वहां से विशेष एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली के अस्पाताल लाया गया है। मोदी ने ट्वीट किया, लांस नायक हनुमनथप्पा के अदम्य साहस और धैर्य को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, डाक्टरों का दल लांस नायक हनुमनथप्पा का उपचार कर रहा है। हम सभी उम्मीद करते हैं और अच्छे के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। सेना के सूत्रों ने कहा कि लांस नायक हनुमनथप्पा की हालत नाजुक लेकिन स्थिर है और अस्पताल में उनके कई परीक्षण हो रहे हैं। अस्पताल जाने से पहले मोदी ने ट्वीट किया, सम्पूर्ण देश की प्रार्थनाओं के साथ लांस नायक हनुमनथप्पा को देखने जा रहा हूं। इससे पहले बर्फ से निकाले जाने के बाद उन्हें सियाचिन हिमनद स्थित सेना के आधार शिविर में लाया गया था और वहां से उन्हें एक विशेष एयर एंबुलेंस में दिल्ली लाया गया। पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास 19,600 फुट की उंचाई पर स्थित चैकी के हिमस्खलन की चपेट में आ जाने के बाद मूल रूप से कर्नाटक के निवासी हनुमनथप्पा छह दिन तक 25 फुट मोटी बर्फ के नीचे दबे रहे। उन्हें कल बाहर निकाला गया। वहां पर तापमान शून्य से 45 डिग्री नीचे था।
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