26ः11 मुंबई हमला मामले में पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने गुरुवार को मुंबई की एक अदालत के समक्ष बताया कि उसने मुंबई में अपना एक ऑफिस खोला था और तहव्वुर राणा से उसे 66,605 रुपये मिले थे। हेडली की मुंबई की एक अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गवाही चल रही है। सरकारी वकील उज्ज्वल निकम सुबह ही कोर्ट पहुंच गए। हेडली मुंबई हमले से जुडे कई अहम खुलासे कर रहा है। वह इन हमलों के पीछे पाक में बैठे लोगों और आतंकी संगठनों के चेहरों को बेनकाब कर रहा है। उसने गुरुवार को बताया कि 14 सितंबर 2006 को उसने मुंबई के टारडियो एसी मार्केट में एक ऑफिस खोला था। जब वह मुंबई में था तो उसे डॉ तहव्वुर राणा से 11 अक्टूबर 2006 को 66,605 रुपए मिले थे। हेडली ने कहा कि तहव्वुर राणा लश्कर के साथ उसके संबंध और इस बारे में जानता था कि वह आतंकवादी संगठन के निर्देशों पर खुफिया काम के लिए भारत जा रहा है। फिर राणा ने उसे 7 नवंबर 2006 को 500 अमेरिकी डॉलर दिए थे। उसके बाद उसने 30 नवंबर को 17636 रुपए और 4 दिसंबर को 1000 डॉलर लिए। उसने बताया कि उसने सभी पैसे इंडसलैंड बैंक के नरीमन शाखा से लिए थे। उसने बताया कि आतंकी हमले से पहले राणा मुंबई आया था। उसने राणा को अमेरिका जाने की सलाह दी ताकि वह किसी मुसीबत में न फंस जाए। उसने बताया कि भारत आने से पहले उसे मेजर इकबाल से 25 हजार डॉलर और साजिद मीर से 40 हजार पाकिस्तानी रुपए मिले थे। अब्दुर रहमान पाशा से उसे 18 हजार रुपए मिले थे।
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