कुरैशी ने महिला काजी के सवाल पर कहा, जब मियां-बीवी राज़ी तो किस काम का काजी। आगे उन्होंने कहा कि उनके धर्म में महिला को नमाज पढ़ाने और शादी कराने की इज़ाज़त नहीं दी गई है। महिला काजी नहीं हो सकती है।
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