सियाचिन में हिमस्लखन के कारण 6 दिनों तक बर्फ में दबे रहने के बाद जीवित निकाले गए लांस नायक हनुमनथप्पा कोपड का गुरुवार को दिल्ली में सेना के आर आर अस्पताल में निधन हो गया। डॉक्टरों की एक टीम पिछले तीन दिन से उन्हें बचाने की भरसक कोशिश कर रही थी लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। हनुमनथप्पा ने लगभग पौने 12 बजे अंतिम सांस ली। वीर सपूत के निधन से उनका परिवार और धारवाड़ का गांव शोक में डूब गया। सपने में घर वापस लौटने का वादा करने वाले बेटे की मौत की खबर से मां का कलेजा छलनी हो गया गौरतलब है कि बुधवार को सीटी स्कैन में ऑक्सीजन के उनके मस्तिष्क तक नहीं पहुंचने का सबूत मिला था और इस तरह से उनकी हालत बहुत अधिक गंभीर बनी हुई थी। उनके दोनों फेफड़ों में न्यूमोनिया का सबूत मिला था। उनके कई अंग भी काम नहीं कर रहे थे। आक्रामक ढंग से थैरेपी करने और सघन चिकित्सा के बावजूद उनकी हालत बिगड़ गई थी। सेना के चिकित्सकों का एक दल तथा एम्स के विशेषज्ञों का एक पैनल उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए था। पीएम नरेंद्र मोदी ने लांस नायक के निधन पर शोक व्यक्त किया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लांस नायक के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उनका जीवन साहस का प्रमाण है और सभी के लिए वे प्रेरणा स्रोत हैं।
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