भारत और अमेरिकी सांसदों के तमाम विरोध के बावजूद ओबामा सरकार ने पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान बेचने के सौदे को स्वीकृति दे दी है। शुक्रवार को जारी अधिसूचना में अमेरिकी सरकार ने इस सौदे को दक्षिण एशिया में अपनी नीति का हवाला देते हुए रणनीतिक सहयोगी के सुरक्षा हितों के लिए आवश्यक बताया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संघीय रजिस्टर में प्रकाशित अधिसूचना में कहा गया है कि प्रस्तावित बिक्री दक्षिण एशिया में एक सामरिक साझेदार की सुरक्षा में सुधार कर अमेरिकी विदेशी उददेश्यों और राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्यों में योगदान करती है। इस अधिसूचना के साथ अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष पॉल रयान को लिखा गया रक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) का 11 फरवरी का पत्र भी प्रकाशित किया गया है। इस सौदे पर भारत सरकार ने अमेरिकी राजदूत को तलब करके आपत्ति व्यक्त की थी। वहीं, पाकिस्तान के आतंकवाद के प्रति समर्थन के मद्देनजर कई वरिष्ठ अमेरिकी सांसदों ने भी सरकार से इस सौदे को रद्द करने के लिए कहा था। अधिसूचना जारी होने के कुछ घंटे बाद रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने सीनेट में अपने सहयोगियों से कहा है कि वे पाकिस्तान को एफ-16 विमानों की बिक्री करने के विरोध में उनका साथ दें। गौरतलब है कि इस सौदे के तहत पाकिस्तान को आठ एफ-16 विमान करीब 700 मिलियन डॉलर (4690 करोड़ रुपये) में मिलेंगे।
Author: JAN TV Editorial Team
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