भारतीय रेल की चीन से तुलना नहीं की जा सकती-प्रभु
(India)
रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने सोमवार को स्वीकार किया कि भारतीय रेल की चीन या अन्य विकसित देशों की रेल से तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, ‘‘चीन ने रेल में भारी-भरकम राशि खर्च की है। 2009 के बाद से उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का दो फीसदी से अधिक खर्च किया है, जबकि हमारा खर्च जीडीपी का 0.4 फीसदी है।’’ राज्यसभा में रेल बजट पर बहस का जवाब देते हुए प्रभु ने कहा, ‘‘चीन की अर्थव्यवस्था 10,000 अरब डॉलर की है, जबकि हमारी अर्थव्यवस्था 2,000 अरब डॉलर की है। इसलिए दोनों की तुलना नहीं हो सकती है। हमें और निवेश की जरूरत है और हम उसके लिए संसाधन जुटा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कारपोरेटीकरण करने से पहले जर्मन रेल पर 16 अरब डॉलर का कर्ज था, वहीं चीन के रेलवे पर 428 अरब डॉलर का कर्ज था, जो हमारी जीडीपी के 25 फीसदी के बराबर है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हम वह नहीं कर पा रहे हैं, जो चीन रेलवे कर रहा है। यहां तक कि जापानी रेल भी जब 72 अरब डॉलर का था, तब उस पर 32 अरब डॉलर का कर्ज था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रेलवे में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) पुराना विचार है। इसे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने 2006 में मंजूरी दे दी थी। हमें सामान्य आय से अलग दूसरे स्रोत से निवेश जुटाना होगा, क्योंकि निवेश जरूरत है।’’
DISCLAIMER:

इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।