इजिप्ट में विमान के अपहरण की घटना के बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया। हवाईअड्डे पर तैनात क्विक रिएक्शन टीमों सहित सुरक्षा कर्मियों को और सतर्क कर दिया गया। वहीं विमानन कंपनियों को विशेष निर्देश दिए गए कि किसी भी यात्री पर यदि संदेह होता है तो उसकी अच्छे से जांच करने के बाद ही उसे विमान में दाखिल होने दें। हवाईअड्डे पर दिन भर डाग स्कवायड व बम निरोधक दस्ते की टीमें यहां वहां जांच करती देखी गईं। यात्रियों के सामान की भी गहन जांच की जा रही थी। सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यूरोपीय व अन्य देशों की अपेक्षा भारत में सुरक्षा के पैमाने अलग हैं। पूरी दुनिया में सुरक्षा के जो पैमाने है भारतीय हवाई अड्डों पर उनका पालन होता है। लेकिन भारत में पश्चिमी देशों की तरह सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ मशीनों पर निर्भर नहीं है। दिल्ली हवाईअड्डे पर मशीनों के साथ ही सुरक्षा कर्मी यात्रियों की गहन सुरक्षा जांच करते हैं। ऐसे में सुरक्षा में चूक की संभावना कम ही है। दिल्ली हवाईअड्डे पर यात्रियों को कई सुरक्षा घेरों से हो कर गुजरना पड़ता है। हवाईअड्डे के लगभग एक किलोमीटर पहले से ही यात्री व गाडियां सीसीटीवी व सुरक्षा कर्मियों की नजर में आ जाते हैं। सुरक्षा कर्मी जहां यात्री के गतिविधियों व हावभाव पर नजर रखते हैं वहीं सीसीटीवी के माध्यम से हर पल यात्रियों पर नजर रखी जाती है।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।