बुधवार से दिल्ली सरकार 15 अप्रैल से दिल्ली की सड़कों पर 15 दिन तक नंबर के हिसाब से गाड़ियां चलेंगी। सम विषम की इस नंबर व्यवस्था से पहले ही दिल्ली सरकार दिल्ली व आसपास के इलाकों में प्रदूषण की निगरानी शुरू कर रही है। इन जगहों पर प्रदूषण के स्तर की जानकारी लेना शुरू करेगी। पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए दिल्ली प्रदूषण् नियंत्रण बोर्ड को जिम्मेवारी सौंपी गई है। सोमवार को सम विषम व्यवस्था को लेकर पर्यावरण विभाग की तैयारियों की समीक्षा की गई। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि इस दौरान दिल्ली सरकार 30 अप्रैल तक दिल्ली के प्रदूषण स्तर की जांच विभिन्न पैमाने पर करेंगी। इससे यह सामने आ सकेगा कि दिल्ली में सम विषम व्यवस्था से कितना प्रदूषण कम हुआ है। इस दौरान जांच एजेंसिया पीएम2.5, पीए10 और एनओ2 की जांच करेगी। इसमें कार्बन, नाइट्रोजन समेत अन्य गैस शामिल है। इसके लिए दिल्ली सरकार ने तीन स्तरीय सिस्टम की पहचान की की है। इसके लिए वर्तमान सिस्टम की मदद से रियल टाइम जांच, छोटी मशीनों से जांच और मौके पर अधिकारियों की तरफ से होने वाली जांच शामिल है। रियल टाइम मॉनीटरिंग सिस्टम 6 जगहों पर होगा जिसमें मंदिर मार्ग, पंजाबी बाग, आर.के. पुरम, आनंद विहार, आईजीआई एयरपोर्ट और सिविल लाइन शामिल हैं। इस दौरन 10 विभिन्न रोड साइट, 20 रिहायशी और 15 औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर की जांच होगी। ऐसी करीब 45 जगह चिहिन्त की गई हैं। 7 बार्डर संबंधित इलाकों में 3 विभिन्न जगहों पर भी यह जांच होंगी। इसके दायरे में 21 प्वाइंट आएंगे। वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण मंत्री ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में एक सेमीनार का भी उद्घाटन किया।
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