उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन और केंद्र के बजट अध्यादेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर बुधवार को फैसला नहीं हो सका। नैनीताल हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई। बहस शुरू होते ही एडिशनल सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से केंद्र के जवाब के लिए समय मांगा। उन्होंने तर्क रखा कि हरीश रावत की ओर से मंगलवार को दिए गए प्रति शपथ पत्र में कुछ नई बातें हैं। उनका जवाब देने के लिए आवश्यक कागजात की जरुरत है। इसका विपक्षी अधिवक्ता मनु सिंघवी ने विरोध किया। हालांकि संयुक्त खंडपीठ ने भी समय बढ़ाने पर सहमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि सुनवाई के तहत बहस शुरू हो रही है। इस दौरान केंद्र इसको लेकर जवाब पेश कर सकता है।
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