पनामा पेपर्स के खुलासे में नाम आने के बाद आइसलैंड प्रधानमंत्री सिगमुडुर डेवियो गुनलॉगसन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले राष्ट्रपति से उन्होंने संसद को भंग करने की सिफारिश की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। गुनलॉगसन पर कर पनाहगाह ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में कपंनी बनाने का आरोप है। इस खुलासे के बाद देश में सियासी पारा चढ़ गया था। उनके खिलाफ विपक्ष और जनता लामबंद हो गई थी। देश के हालात देखते हुए राष्ट्रपति ओलफुर रंगनार ग्रिमसन को अमेरिका दौरा बीच में ही छोड़कर आना पड़ा। इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने उनसे मिलकर संसद भंग की सिफारिश थी। लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी, क्योंकि वह अंतिम फैसले से पहले गठबंधन सरकार के सहयोगियों से चर्चा करना चाहते थे। राष्ट्रपति का कहना था कि इस संबंध में अन्य पक्षों की राय लिए बिना कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सिफारिश ठुकराने के फैसले को राजनीतिक हलकों में अप्रत्याशित बताया गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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