दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को कहा कि केजरीवाल सरकार सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के स्तर तक लाना चाहती है ताकि अभिभावक इन्हें अपनी प्राथमिकता सूची में रख सकें। आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए स्कूली शिक्षा को लेकर दष्टिकोण एवं योजना को सार्वजनिक करते हुए सिसोदिया ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता को लेकर बहुत काम किया गया है। फिर भी सरकारी स्कूल अभिभावकों की प्राथमिकता सूची में नही हैं। मैं आशा करता हूं कि ऐसा होगा और इस दिशा में हम काम कर रहे हैं। स्कूल प्रधानाचार्यों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा व्यवस्था को सुधारना है तो तीन सवालों के जवाब देने होंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में शिक्षा कैसे प्रदान करनी है, इसके तहत क्या प्रदान करना है तथा इसमें सुधार के लिए क्या करना है। शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षा प्रशासकों के जहन में इन सवालों के जितने साफ जवाब होंगे, दिल्ली में उतना ही सुधार आएगा। सिसोदिया ने स्कूली शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था का पायलट करार देते हुए कहा कि बाकी सभी लोग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में शिक्षकों की मदद करने के लिए हैं।
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