बिहार सरकार बेशक शराब बंदी कर अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन इस शराब बंदी का दो देशों से जुड़ने वाली सरहदों पर कुछ खास असर होता नहीं दिख रहा है। नेपाल सीमा पर मयखाने बिहार के शराबियो के लिये एक ऐसा सुलभ साधन बन चुके हैं जहां जब चाहे शराबी जायें और अपने नशे की प्यास बुझा लें । एक अनुमान के तौर पर सीतामढ़ी से लगने वाली नेपाल की चैसठ किलोमीटर की खुली सीमा के माध्यम से प्रत्येक दिन तीस से पैंतीस हजार शराबी जाकर वहां के मयखाने में खुलकर शराब गटक रहे हैं जिनको रोकने वाला कोई नहीं।
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