पर्यावरण मामलों से जुड़ी संस्था टेरी ने दिल्ली सरकार को सम विषम नंबर नियम को स्थाई करने के प्रति आगाह करते हुए कहा है कि यह व्यवस्था महज आपात स्थिति में इस्तेमाल की जा सकती है। बीते दो नंबर नियम के विश्लेषण के आधार पर टेरी की ओर से जारी अध्ययन रिपोर्ट में यह बात कही गई है। टेरी के महानिदेशक अजय माथुर ने दोनों नंबर नियमों के विश्लेषण के आधार पर इसे दिल्ली के उपयोगी बताया। साथ ही यह भी कहा कि इसकी उपयोगिता उस समय ही है जब प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा है। इसके अलावा किसी समय विशेष पर प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक होने के पूर्वानुमान को देखते उस समय नंबर नियम का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इसे स्थाई करना समझदारी नहीं होगी। रिपोर्ट के मुताबिक दूसरे नंबर नियम का प्रदूषण पर असर पहले नंबर नियम की तुलना में कम रहा। इसकी संभावित वजह लोगों द्वारा दो कारें खरीदना, वाहनों को सीएनजी में बदलवाना और टैक्सी का अधिक संख्या में इस्तेमाल करना माना जा सकता है। दूसरे नंबर नियम का पहले की तुलना में बम असर होने के आधार पर रिपोर्ट में सरकार को सुझाव दिया गया है कि इसे स्थाई नहीं किया जाए वरना इसका प्रभाव कम हो जाएगा। अधिक प्रदूषण के दौर में इसका प्रभावी लाभ उठाने के लिए इसे आपात स्थिति में ही इस्तेमाल किए जाने का सुझाव दिया गया है।
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