हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित शोधार्थी रोहित वेमुला के भाई ने केजरीवाल सरकार की ओर से की गई नौकरी की पेशकश को ठुकरा दिया है। सरकार ने खुद इस बात की जानकारी मंगलवार को हाईकोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका के जवाब में दिया है। इस जनहित याचिका में वेमुला के भाई को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के केजरीवाल सरकार के निर्णय को रद्द करने की मांग की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के कथित प्रताड़ना से तंग आकर वेमुला ने इसी साल जनवरी में खुदकुशी की थी। इसके बाद दिल्ली सरकार ने उसके भाई वेमुला राज चैतन्य कुमार को ग्रुप-सी में नौकरी देने और समय से पहले सरकारी आवास देने की घोषणा की थी। इस बारे में सरकार ने 24 फरवरी को अधिसूचना भी जारी किया था। चीफ जस्टिस जी. रोहिणी व जस्टिस जयंत नाथ की पीठ के समक्ष सरकार की ओर से स्थाई अधिवक्ता गौतम नारायण ने कहा कि रोहित वेमुला के भाई ने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि वह दिल्ली में नौकरी करने के इच्छुक नहीं है। ऐसे में सरकार अब अपने निर्णय को वापस ले रही है। उन्होंने पीठ से नौकरी देने के पेशकश के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका को खारिज करने की मांग की। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार से दो हफ्ते के भीतर इस बारे में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
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