केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) ने उन वीडियो को सही पाया हैं जिनसे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में 9 फरवरी को छात्र-छात्राओं को देश विरोधी नारे लगाते हुए दिखाया गया है। सीएफएसएल ने घटना से जुड़े चार वीडियो कैसेट की जांच में इन्हें पूरी तरह सही पाया है। इन कैसेटों में कई छात्रों को देश विरोधी नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। नौ फरवरी को जेएनयू परिसर में आयोजित एक विवादित कार्यक्रम में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को लेकर छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प हुई थी। आरोप है कि इस कार्यक्रम में अफजल को शहीद कहा गया और देश विरोधी नारे लगाए गए। साथ ही कश्मीरी विस्थापितों के प्रति एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए आजाद कश्मीर की मांग का समर्थन किया गया। इस कार्यक्रम को लेकर खासा विवाद खड़ा हुआ। सरकार और जेएनयू प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की थी। समिति ने छात्र संघ नेता कन्हैया कुमार सहित 21 छात्रों को दोषी पाया था
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