राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने दिल्ली मेट्रो रेल निगम द्वारा मेट्रो ट्रेन की धुलाई में भूमिगत जल के उपयोग पर कड़ा संज्ञान लिया है और उसे निर्देश दिया कि भूमिगत जल निकालने के लिए उसे मिली अनुमति का ब्यौरा सौंपे। न्यायमूर्ति यू डी दलवी और विशेषज्ञ सदस्य रंजन चटर्जी की पीठ ने इससे पहले डीएमआरसी, दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को नोटिस जारी कर दिल्ली मेट्रो द्वारा भूमिगत जल के प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी। पीठ ने कहा कि डीएमआरसी को स्पष्ट रूप से भूमिगत जल निकालने, इसका प्रयोग करने और इसके प्रयोग की अवधि के बारे में बताना चाहिए। दिल्ली निवासी कुश कालरा की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह फैसला आया है जिन्होंने आरोप लगाए कि डीएमआरसी बेकार जल के प्रयोग के बजाए भूमिगत जल का प्रयोग ट्रेनों की धुलाई में कर रहा है जिससे पानी का स्तर घट रहा है।
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