एनएसजी में शामिल नहीं होना भारत के लिए बड़ा झटका नहीं
(India)
भारत के एनएसजी यानी न्युक्लियर सप्लाई ग्रुप में शामिल नहीं होने से भारत ने ज्यादा कुछ नहीं खोया। ये हमारे देश के लिए उतना बड़ा झटका नहीं है जितना इसे बताया जा रहा है। विदेश मामलों के जानकारों का कहना है कि भारत के शीर्ष नेतृत्व ने इसका कभी हव्वा नहीं बनाया कि वो एनएसजी में शामिल होकर ही रहेगा। भारत को पहले से मालूम था कि इसमें रोड़ा अटक सकता है। हालांकि भारत के एनएसजी में शामिल नहीं होने के बाद वीटो के इस्तेमाल पर जरूर बहस शुरू होगी। ज्यादातर निर्णय बहुमत के आधार पर लिए जाते है। यदि दो तिहाई बहुमत एक साथ है और किसी एक देश के मना करने पर उसे लागू नहीं किया जाए तो इससे कोई सहमत नहीं होगा। ऐसे में वीटो के इस्तेमाल पर अब बहस शुरू होगी,,,
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