कर्मचारियों को रास नहीं आया सातवां वेतन आयोग
(India)
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बावजूद मोदी सरकार के सामने अब नई मुश्किल खड़ी हो गई है। केंद्रीय कर्मचारियों ने सैलेरी में 23 फीसदी की बढ़ोत्तरी को छलावा बताते हुए इसे अब तक का सबसे खराब वेतन आयोग बता दिया है। साथ ही यूनियंस ने 48 साल में सबसे बड़ी हड़ताल पर जाने की धमकी भी दी है। केंद्रीय कर्मचारियों के नेशनल जॉइंट काउंसिल ऑफ एक्शन के संयोजक शिवगोपाल मिश्रा के मुताबिक उन्होंने वेतन आयोग की सिफारिशों पर पहले ही आपत्ति दर्ज करा दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आपत्ति को दरकिनार करते ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को ज्यों का त्यों लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने की सिफारिश की गई है, जबकि इसे 26 हजार करने की जरूरत है।
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