बांग्लादेश के ढाका में शुक्रवार देर रात होली आर्टिसन बेकरी में दाखिल हुए आतंकियों के पास स्वचालित हथियार और गोला-बारूद भी था। इसके बावजूद आतंकियों ने विदेशियों को गला रेतकर मारा ताकि आईएस की दहशत भारतीय उपमहाद्वीप में भी फैलाई जा सके। ठीक उसी तरह जैसे आतंकी सीरिया और इराक में कत्ल करते हैं। 13 घंटे ऑपरेशन चला-हमले में एक भारतीय छात्रा समेत 20 विदेशी मारे गए। इनमें इटली के नौ, जापान के सात, एक भारतीय और एक अमेरिकी शामिल है। करीब 13 घंटे बाद शनिवार सुबह सुरक्षाबलों ने 6 आतंकी ढेर कर दिए और एक को जिंदा दबोच लिया। हमले की जिम्मेदारी आईएस ने ली है। अभियान में 25 अधिकारी और एक नागरिक घायल हुआ है। इनमें से 10 की हालत गंभीर है। आयतें सुन छोड़ा-प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आतंकी बंधक बनाए गए लोगों से कुरान की आयतें सुनाने को कह रहे थे। जिसने आयतें सुनाई, उसे छोड़ दिया गया। जो ऐसा नहीं कर पाया, उसकी हत्या कर दी। फिरोजाबाद की रहने वालीं 19 वर्षीय छात्रा तारिषि जैन को आतंकियों ने मार डाला। इसकी पुष्टि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने की। बंधकों में भारतीय डॉक्टर सत्यव्रत भी थे। धाराप्रवाह बांग्ला बोल वह आतंकियों के चंगुल से बच गए।
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