दुनिया की कोई भी कंपनी अभ भारत में आकर अपनी निजी ट्रेन चला सकेगी....रेलवे ने इसके लिए रास्ता खोल दिया है....हालांकि इसके लिए कंपनियों को ही ट्रेन, प्लेटफार्म, सिग्नल, उनका संचालन, किराया तय करना होगा......दरअसल ट्रेनों के संचालन में निजीकरण के विरोध को देखते हुए रेल मंत्रालय ने यह नया रास्ता ढूंढा है.......
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