कश्मीर में पैलेट गन की जगह अब पावा शेल्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें ऑर्गेनिक कंपाउंड भरा होता है। यह बिल्कुल लाल मिर्च पाउडर की तरह होता है। यह पैलेट गन की तुलना में कम घातक लेकिन ज्यादा असरदार पाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक एक्सपर्ट कमेटी इसे हरी झंडी दे सकती है। बता दें कि कश्मीर दौरे पर पहुंचे राजनाथ सिंह ने भी गुरुवार को श्रीनगर में एक एक्सपर्ट कमेटी का जिक्र किया था जो पैलेट गन के ऑप्शन पर विचार कर रही है। कमेटी इस हफ्ते की शुरुआत में इन शेल्स का दिल्ली में डेमॉन्स्ट्रेशन देख चुकी है। इसके बाद सहमति भी जताई है कि इन्हें सिक्युरिटी फोर्सेस के इस्तेमाल के लिए लाया जाना है। शेल्स की लखनऊ में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च में करीब एक साल से टेस्टिंग चल रही थी। पैलेट गन की जगह च्।ट। शेल्स के इस्तेमाल पर पैनल सहमत है। पैनल ने सिफारिश की है कि ग्वालियर में बीएसएफ की टियर स्मोक यूनिट में इसका जल्द से जल्द बल्क प्रोडक्शन होना चाहिए।
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