अधिकारियों के मुताबिक यदि सब कुछ ठीक रहा तो अगले छह-सात महीने में यह योजना सफल हो सकती है. ये ‘उपग्रह दूसरे देशों के नैनो उपग्रह होंगे.’ अपने स्पेस प्रोग्राम में रिकार्ड बनाते हुए इसरो ने जून में एक मिशन में 20 सैटेलाइट को प्रक्षेपित किया था.
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