दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने उप राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर साफ कह दिया है कि वो विधानसभा सचिव प्रसन्ना कुमार को पद से नहीं हटाएंगे. विधानसभा अध्यक्ष ने चिट्ठी में जिक्र किया है कि प्रसन्ना कुमार की सर्विस की अनुमति 2018 तक दिल्ली सरकार से मिली हुई है. जबकि ऑल इंडिया रेडियो से अब तक प्रसन्ना कुमार को पद से मुक्त करने का कोई आदेश नहीं आया है. सूत्रों के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष ने उप राज्यपाल को कई बार फोन भी लगाया था, लेकिन उनकी बात नहीं हो पाई. जिसके बाद ये चिट्ठी लिखी गई. फिलहाल उप राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष के बीच तलवार खिंच गई है. एक तरफ जहां अधिकारों की लड़ाई के लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है तो वहीं हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार उप राज्यपाल के आदेश को चुनौती दे रही है.
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