सरकार ने बहुत सी योजनाएं चलाई लेकिन ये योजनाएं कागजों में सिमट कर रहा गई। अगर इन योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंचता तो ये यूं मजदूरी ना कर रहे होते। इनको मजदूरी कर देख यह सवाल जरूर उठता है कि आखिर कहा गए वो अधिकारी जो बालश्रम रोकने के बड़े-बड़े दावे करते है और कहा गई वो योजनाएं जिनका सरकार बड़े जोर-शोर से बखान करती है। जब श्रम विभाग के अधिकारियों से इस मामले पर संपर्क किया जाता है तो उन्हें बोलने मे हिचकिचाहट होती है। उन्होंने यह जरूर बताया कि इस विषय में आप बाल विकास अधिकारी से मिले। उन्होंने भी कार्यवाई करने के बजाये हमे रास्ता बता दिया। ऐसे में आप सहज अंदाजा लगा सकते है कि सरकार के ये सिपाही कैसे सरकार की योजनाओं का पालन कर रहे है
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।