उन्होंने कहा था कि उनके पूर्वज ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती ने इस देश की संस्कृति को इस्लाम की नियमों के साथ अपना कर मुल्क में अमन-शान्ति और मानव सेवा के लिये जीवन सर्मपित किया। उसी तहजीब को बचाने के लिये गरीब नवाज के 805 उर्स के मौके पर वह और उनका परिवार बीफ के सेवन त्यागने की घोषणा करता है।
वह हिन्दुस्तान के मुसलमानों से यह अपील करते हैं कि देश में सद्भावना के पुनस्थार्पन के लिये इसको त्याग कर मिसाल पेश करें। उन्होंने कहा कि गौवध और इनके मांस की बिक्री पर रोक लगने से इस मुल्की मजहबी रवादारी मोहब्बत और सद्भावना फिर से उसी तरह कायम हो सकेगी जैसी सैकड़ों सालों से रही है।
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