बता दें कि सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय तथा दो अन्य निदेशकों रविशंकर दुबे और अशोक राय चौधरी को ग्रुप की दो कंपनियों सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड द्वारा 31 अगस्त 2012 तक निवेशकों का 24,000 करोड़ रुपये का रिफंड करने के आदेश का अनुपालन नहीं करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। हालांकि एक निदेशक वंदना भार्गव को हिरासत में नहीं लिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई 2016 को सुब्रत राय को अपनी मां की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए चार हफ्ते का पैरोल दिया था। उसके बाद से उनके पैरोल को बढ़ाया गया है। राय को 4 मार्च, 2014 को तिहाड़ जेल भेजा गया था लेकिन फिर कोर्ट ने पिछले साल 28 नवंबर को सुब्रत राय को 6 फरवरी तक रिफंड खाते में 600 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश देते हुए कहा था कि अगर वह ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उन्हें फिर जेल भेज दिया जाएगा।
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