इस मुद्दे पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जवान को बर्खास्त करने का फैसला जांच के बाद लिया गया है। यादव ने वीडियो अपलोड कर नियमों का उल्लंघन किया है। अधिकारी ने आगे कहा कि बर्खास्तगी के खिलाफ तेज बहादुर यादव अपील कर सकता है। उसके पास अपील करने के लिए तीन महीने का समय है।
बता दें कि तेज बहादुर यादव ने जिस समय वीडियो अपलोड किया था उस समय वे बीएसएफ की टुकड़ी के साथ जम्मू कश्मीर के एलओसी पर तैनात थे। उन्होंने वीडियो में पानी वाली दाल परोसे जाने का आरोप लगाया था।
बीएसएफ से तेजबहादुर यादव को बर्खास्त करने के फैसले के बाद उनकी पत्नी का भी बयान आया है। शर्मिला ने कहा है कि सरकार ने काफी गलत फैसला किया है। तेज बहादुर यादव ने तकरीबन 20 साल तक बीएसएफ में नौकरी की। बर्खास्त करने का फैसला काफी गलत है।
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