झारखंड एक ऐसा राज्य है जहां पिछले चार दशक से नक्सली तांडव मचा रहे हैं। नक्सली आज देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। झारखंड के सुकमा, पलामु से आए दिन नक्सली हमले की खबर आती रहती है। जनवरी में गृह मंत्रालय आंकड़े सार्वजनिक करते हुए बताया था कि साल 2016 में नक्सली हमले काफी बढ़ गए थे। झारखंड में साल 2015 क मुकाबले हमले 55 से बढ़कर 84 हो गए थे और छत्तीसगढ़ में 96 से बढ़कर 105 हो गए थे।
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता आशिष बत्रा कहते हैं कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान और विकास के कई कार्यों की वजह से काफी बदलाव आया है लेकिन जो लोग जंगल में रहते हैं उनकी जान को अभी भी खतरा बना हुआ है। पिछले जनगणना के आंकड़ों को मुताबिक झारखंड में 688 हाथी हैं।
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