अदालत ने साध्वी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी 'एनआईए' को अपना पासपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। पीठ ने उसे सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करने और जब भी जरूरत हो एनआईए अदालत में रिपोर्ट करने का भी निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति मोरे ने आज के आदेश पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा हमने अपने आदेश में कहा है कि पहली नजर में साध्वी के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है।
साध्वी प्रज्ञा और पुरोहित मालेगांव बम विस्फोट में आरोपी है जिसमें आठ लोगों की मौत हुई थी और तकरीबन 80 लोग जख्मी हो गए थे। 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में एक बाइक में बम लगाकर विस्फोट किया गया था। साध्वी और पुरोहित को 2008 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वे जेल में हैं।
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