पिछले चार साल में ट्रेनिंग के दौरान उमर 12 बार घर आए। उन्होंने कभी भी सैनिकों को टिकट पर मिलने वाली छूट का फायदा नहीं लिया। बल्कि पूरे पैसे देकर टिकट ली। फैयाज वॉलीबॉल और हॉकी के अच्छे खिलाड़ी थे। ट्रेनिंग के दौरान एनडीए की हॉकी टीम के भी कप्तान रहे थे। नवोदय स्कूल में पढ़ाई के दौरान सेना में जाने के लिए इंस्पायर हुए।
आपको बता दें कि कश्मीर में 26 साल में यह पहला मौका है जब किसी फौजी अफसर को अगवा कर उसकी हत्या की गई। 1991 में बडगाम में ले. कर्नल जीएस बाली और उनके भतीजे को एक शवयात्रा से अगवा कर मार डाला था।
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