रूस तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना की 5वीं और 6वीं रिऐक्टर यूनिट्स को विकसित करने के लिए भारत से समझौते पर हस्ताक्षर के लिए काफी उत्सुक है लेकिन भारत सरकार के इस निर्णय से अब यह अटक सकता है।
आपको बता दें कि भारत की एनएसजी की सदस्यता पाने में चीन एक बड़ा रोड़ा है। ऐसे में भारत को रूस से काफी उम्मीदें हैं। भारत को उम्मीद है कि एनएसजी की सदस्यता के लिए रूस चीन पर दबाव डालेगा, इसलिए भारत सरकार ने अपने रुख कड़े कर लिए हैं।
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