धूर्त अलगाववादी: कश्मीरी बच्चों को थमाए पत्थर, अपने बेटे-बेटियों को भेजा विदेश
(DELHI, DELHI) कश्मीर घाटी में पिछले कुछ महीनों से चल रहा हिंसा और पत्थरबाजी का दौर खत्म नहीं हो रहा है। अलगाववादियों ने कश्मीरी लोगों चाहें वे महिलाएं हों युवा हों या फिर स्कूली बच्चे सबके हाथों में 'नफरत के पत्थर' थमा दिए हैं। आतंकवादियों ​के खिलाफ सेना के सर्च आॅपरेशन को रोकने के मकसद से ये लोग जवानों पर पत्थरबाजी करते हैं। हिंसा और पत्थरबाजी ने घाटी में एक ओर विकास को रोेके रखा है तो दूसरी ओर युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़ा कर दिया है।

अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस के जो नेता कश्मीरियों के हाथों में पत्थर थमाने के लिए जिम्मेदार हैं उनको घाटी के युवाओं के भविष्य की चिंता नहीं है लेकिन अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य का ख्याल जरूर है। उनके बच्चे पत्थरबाजी और हिंसा से दूर अच्छी तालीम ले रहे हैं और बेहतर जीवन जी रहे हैं। तो सवाल यह है कि क्या कश्मीर के युवाओं को अपना सुनहरा भविष्य देखने का हक नहीं है।
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