दिल्ली से कश्मीर तक NIA की 22 जगह छापेमारी, आतंकियों की फंडिंग पर रोक लगाने का प्रयास
(JAMMUandKASHMIR, JAMMUandKASHMIR) एनआईए ने कश्मीर में आतंकवाद के वित्तपोषण के संबंध में घाटी में 14 और दिल्ली में आठ स्थानों पर छापेमारी की। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी और अलगाववादी गुटों को पाकिस्तान से मिल रही वित्तीय मदद के पुख्ता सबूतों के हवाले से इस तंत्र के मूल में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के होने का दावा किया है। NIA को इस सिलसिले में कश्मीर के अलगाववादी गुटों के सक्रिय कार्यकर्ताओं से पूछताछ में इसकी पुष्टि हुई है। कुछ दिनों पहले ही एनआईए को जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों को मिल रही वित्तीय मदद के तार दिल्ली के हवाला कारोबारियों से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक अलगाववादी गुटों को पाकिस्तान से हवाला के जरिये भेजी गयी वित्तीय मदद सउदी अरब, बांगलादेश और श्रीलंका के रास्ते दिल्ली के हवाला ऑपरेटरों तक भेजी जाती है। दिल्ली से यह राशि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के हवाला ऑपरेटरों के जरिये जम्मू कश्मीर पहुंचती है। एनआईए इस मामले की शुरुआती जांच के आधार पर पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद, कट्टरपंथी कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और जम्मू एंड नेशनल फ्रंट के अध्यक्ष नईम खान को नामजद कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक अलगाववादियों को हवाला के जरिये दी जा रही वित्तीय मदद पर भारतीय जांच एजेंसियों की सख्ती के मददेनजर अब सक्रिय गुटों को श्रीनगर और आसपास के इलाकों में संपत्ति के कारोबार में निवेश करने के निदेर्श मिलने का भी खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद एनआईए ने कश्मीर में अलगावादियों के संपत्ति में निवेश की पड़ताल शुरू कर दी है।


इससे पहले सूत्रों के मुताबिक कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी और अलगाववादी गुटों को मिल रही वित्तीय मदद का पाकिस्तान से ईमेल के जरिये भेजा जा रहा ब्यौरा एनआईए के हाथ लगा है। पकड़े गये ईमेल संदेशों से साफ है कि कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा हवाला के जरिये आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन को वित्तीय मदद मिल रही है। इसमें पता चला है कि हवाला से कश्मीर में भेजे जाने वाली वित्तीय मदद कहां और किस मद में खर्च की जानी है, इसका भी पूरा हिसाब रखा जाता है। वित्तीय मदद मुहैया कराने की इस व्यवस्था के तहत अलागाववादी संगठनों की ओर से पाकिस्तान में सक्रिय संगठनों से जरूरत के मुताबिक पैसे की मांग की जाती है। पकड़े गये ईमेल संदेश में अलगावादी गुटों द्वारा आईएसआई को इलाके में संगठन के लिये काम करने वाले विवाहित और अविवाहित कार्यकर्ताओं की संख्या, फरार और जेल में बंद आतंकवादियों की सूची और इनके परिजनों का ब्यौरा दिया गया है। इतना ही नहीं मांगी गयी राशि की आईएसआई से मंजूरी लेने के लिये कश्मीर में सक्रिय संगठनों को प्रत्येक इलाके में अलगाववादियों और आतंकवादियों की संख्या, शिक्षा और उम्र का भी ब्यौरा देना होता है। एक अन्य ईमेल संदेश में आईएसआई द्वारा कश्मीर में सक्रिय 30 विवाहित आतंकवादियों को प्रति व्यक्ति दस हजार रुपये की दर से 3 लाख रुपये की राशि जारी करने की मंजूरी दी गयी है जबकि 37 अविवाहित आतंकवादियों को 2.96 लाख रुपये जारी करते हुये प्रति व्यक्ति 8 हजार रुपये और फरार 23 आतंकवादियों के परिजनों को एक एक हजार रुपये मंजूर किये गये हैं।
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