इस रॉकेट को सोमवार शाम 5 बजकर 28 मिनट पर श्रीहरिकोटा से उड़ान भरना है। इसरो ने कहा कि इसके प्रक्षेपण के लिए 25 घंटे से अधिक की उल्टी गिनती अपराह्न तीन बजकर 58 मिनट पर शुरू हुई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन ने कहा कि भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) एमके-3 प्रक्षेपण मील का पत्थर है। क्योंकि इसरो इसकी क्षमता 2.2-2.3 टन से करीब दोगुना 3.5-4 टन कर रहा है।
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