हालांकि यह प्रथम रंगारंग कार्यक्रम आयोजकों के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गया। दरअसल, तिरंगे के साथ लाल किला को लाहौर के शालीमार गार्डेन के तौर पर पाकिस्तान की झांकी में दिखाया गया।
वहीं, एससीओ अधिकारी इस गफलत को लेकर क्षमापार्थी थे। उन्होंने कहा कि वे तस्वीरों की जांच करने में नाकाम रहे क्योंकि यह भारत और पाक की भागीदारी वाला पहला कार्यक्रम था।
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