प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों और कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा, 'तीन साल बेमिसाल रहे हैं। और हम आने वाले हर पल देश को नयी ऊंचाईंयों पर ले जाने के लिए काम करते रहेंगे'। उन्होंने कहा कि सरकार के सुशासन और जनहित के कार्यों से देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। 21वीं सदी का हिन्दुस्तान बनाने की दिशा में भारत आर्थिक क्षेत्र में उदारतापूर्वक अपनी नीतियां बना रहा है। भारत को दुनिया में एक चमकते हुए सितारे के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने में नवाचार, प्रौद्योगिकी और योग्यता की अहमियत है। उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीयों को देश में निवेश करने और दूसरे माध्यमों से सहयोग देने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके पास काफी सामर्थ्य है और यह बुद्धिधन एवं अनुभव धन अगर हिन्दुस्तान के काम आ सकता है तो इससे बड़ा अवसर कभी नहीं आएगा। मोदी ने कहा कि जिस तरह अमेरिका आए भारतीयों को यहां अनुकूल माहौल मिलने पर फलने-फूलने का मौका मिला उसी तरह अब सवा सौ करोड़ देशवासियों को अब हिन्दुस्तान में अनुकूल माहौल मिल रहा है और वे कुछ न कुछ करना चाहते हैं ताकि देश आगे बढ़े।
उन्होंने प्रगति के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता आई है और भ्रष्टाचार रुका है। इस संदर्भ में उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर और यूरिया में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना से करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार रुका है।
प्रधानमंत्री ने पिछले तीन साल के दौरान विदेश मंत्रालय द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि इससे विदेशों में भारतीय मिशनों और दूतावासों के प्रति प्रवासी भारतीयों का नजरिया बदला है। विदेशों में रह रहे भारतीयों को अब यह चिंता नहीं होती कि विदेश में कुछ होने पर उनका क्या होगा बल्कि उन्हें अब यह विश्वास हो गया है कि भारतीय दूतावास उनके लिए कुछ न कुछ करेगा। इसके लिए उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की विशेष रूप से प्रशंसा भी की।
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