इस संबंध में आज रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। चीन द्वारा भारत को 1962 की याद दिलाए जाने पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 1962 और आज के भारत में बहुत फर्क है। वहीं चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके से भारतीय सेना को हाटाए जाने के लिए भारत से बातचीत की आवश्यकता है।
इसपर भारत ने चीन के सामने यह साफ कर दिया गया है कि सड़क बनाने से यथास्थिति में बड़ा बदलाव होगा, जिसका भारत की सुरक्षा स्थिति पर असर पड़ेगा। यह महत्वपूर्ण है कि भारत-चीन के बीच विशेष प्रतिनिधि प्रक्रिया के माध्यम से जो आम सहमति बनी है उसका पूरी तरह सम्मान किया जाए। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने और द्विपक्षीय समझबूझ का सम्मान करने को कहा है।
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