आज संसद के मॉनसून सत्र का आखिरी दिन है । उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू अब राज्यसभा के सभापति भी बन गए हैं। उप-राष्ट्रपति पद की शपथ से पहले वेंकैया नायडू ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित किया।
वेंकैया नायडू एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को हराकर चुनाव जीते। विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी को वेंकैया नायडू ने 272 वोटों से हराया था। इस चुनाव में वेंकैया नायडू को 516 वोट मिले जबकि गोपालकृष्ण गांधी को 244 मत मिले थे। चुनाव में 785 संसद सदस्यों में से 771 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था और कुल 98.21 फीसदी मतदान हुआ।
उप राष्ट्रपति चुनाव में संख्याबल को देखते हुए वेंकैया नायडू की जीत तय मानी जा रही थी। वह भैरों सिंह शेखावत के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि वाले दूसरे उप राष्ट्रपति बने हैं।
दरअसल शुक्रवार का दिन भाजपा और संघ के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। क्योंकि वेंकैया के शपथ के साथ ही देश के चार शीर्ष पदों राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति प्रधानमंत्री और लोकसभा स्पीकर के पदों पर पहली बार भाजपा और संघ की विचारधारा से जुड़े लोग होंगे।
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