अमेरिका की गैरसरकारी संस्था इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में एक भूमिगत (अंडरग्राउंड) परिसर का इस्तेमाल एक बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु हथियारों का भंडारण करने के लिए किया जा सकता है। वैसे इस परिसर का उद्देश्य अब तक सार्वजनिक रुप से उपलब्ध नहीं है।
हालांकि इस परिसर में हथियारों के भंडारण का मकसद स्पष्ट नहीं है। वहीं रिपोर्ट के लेखक डेविड अलब्राइट, सारा बुरखर्द, अलीसन लैच और फ्रैंक पाबियन ने कहा इस जगह का इस्तेमाल सामरिक महत्व के हथियार भंडारण से ही है। ताकि वह जरूरत पड़ने पर अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कम से कम समय में कर सकें।'
रिपोर्ट में कहा गया है भारत और अंतरराष्ट्रीय सीमा को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान ने देश के बीचो- बीच ब्लूचिस्तान में अंडरग्राउंड कॉम्पलेक्स का निर्माण किया है।' साथ ही रिपोर्ट में ब्लूचिस्तान में जारी अशांति का भी जिक्र किया गया है।
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