राजपूत महिलाओं ने उठाईं तलवारें कहा इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं
(Kota, Kota) पद्मावती फिल्म का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्री राष्ट्रीय करणी सेना के नेतृत्व में रविवार को आशापुरा माताजी के मंदिर में रानी पद्मावती फिल्म के विरोध में राजपूत महिलाओं की बैठक हुई, जिसमें तलवारें लहराते हुए फिल्म पर रोक लगाने की मांग की।

राष्ट्रीय करणी सेना की जिलाध्यक्ष रश्मि राठौड़ ने कहा की फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है जिसको क्षत्राणियां कभी बर्दाश्त नही करेंगी। उन्होंने कहा कि पद्मावती 36 कोमों की शान है और इस पर किसी भी तरह की आंच नहीं आने देंगे।


प्रदेश महासचिव नीना छापोल ने कहा कि जल्द ही करणी सेना कोटा शहर में जन हस्ताक्षर अभियान चलाकर सर्व समाज की फिल्म के विरोध में भावनाओं से प्रधानमंत्री को अवगत कराया जाएगा। जेडीबी कॉलेज की पूर्व अध्यक्ष तपस्या नरूका ने फिल्म को तुरन्त बैन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पद्मावती ने स्वराज्या वीरांगना के साथ जलती आग में कूदकर जौहर कर लिया था। यह भारतीय सभ्यता व संस्कृति में प्रसिद्ध है।

मीनाक्षी नाथावत ने फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक संजय लीला भंसाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हम क्षत्राणियों ने चूड़ियां पहनने से पहले तलवार उठाना सीखा है। बैठक के बाद उन्होंने तलवारें लहराकर अपना विरोध दर्ज कराया।

Author: JAN TV Editorial Team

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